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पाली। एक समय केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित माना जाने वाला दूध आज ग्रामीण और शहरी परिवारों की आर्थिक मजबूती का आधार बन गया है। जिले में कई लोगों के जीवन की दिशा पशुपालन और दुग्ध उत्पादन ने बदल दी है। किसी ने सरकारी नौकरी के साथ पशुपालन अपनाकर नई कहानी लिखी तो कहीं महिलाओं ने बंद पड़ी दुग्ध समिति को फिर से शुरू कर...
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